9.24.2008

मेरी पहली अछी हिन्दी कविता

The first good hindi poem I've written!

रात का अँधेरा कालीन सा फैला
दुनिया पर जैसे काला श्राप है आया
कौन हटाये इस अंधेर नगर को
कौन रात में राहत लाये
देख किसे दिल झूम उठता है
देख उसे प्यार का नगमा बज पड़ता है
इस से प्रेम हजारों ने किया है
नाम उसे चाँद का दिया है।


कलम हटाते हुए,
हिन्दी की लेखिका

2 comments:

surabhi chawla said...

hey anty...luv d poem!!....n luv u 2!!...bt jst mk d changes which i mentioned... :)

anty_anand said...

i will!
love you too!